लवथवती विक्राळा ब्रम्हांडी माळा शंकराची आरती संस्कृत आरती

आरती

श्री शंकरस्य आरतिः  (मूल मराठी- लवथवती विक्राळा) जय देव जय देव शिवशंकर जय हे | त्वाम् कर्पूरसुगौरम् वयम् आर्ताः स्तुमहे || धृ. ||                        || जय देव जय देव || लम्बन्ते विकराला ब्रह्माण्डे मालाः विषेण कण्ठः श्यामो विलोचनात् ज्वालाः | जह्नोर्लावण्ययुता शिरसि धृता बाला जलप्रवाहो मन्दम् वहति यति विमलः || १||                        || जय देव […]

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